Road Safety में जीरो टॉलरेंस: मुख्यमंत्री का सख्त आदेश, हरियाणा के सभी ब्लैक स्पॉट्स मार्च 2026 तक खत्म हों
मुख्यमंत्री ने ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि तेज गति और लापरवाही ही हादसों के प्रमुख कारण हैं। सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्पीड मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों का तुरंत चालान किया जाए।

Road Safety : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया कि सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार सभी ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को चिन्हित कर 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह कार्य मिशन मोड में चलाते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू करने को कहा है, ताकि सड़क हादसों में स्पष्ट कमी लाई जा सके।
गुरुवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में सड़क सुरक्षा से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, और स्कूली बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सैनी ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सुरक्षा नियमों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए मॉर्निंग पीक टाइम में अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार बसों की संख्या बढ़ाकर कम अंतराल पर बसें चलाने का निर्देश दिया। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि निजी बसों में भी सरकारी बसों की तर्ज पर स्टूडेंट पास सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाए। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। स्कूल बसों के सुरक्षा मानकों और उनमें लगे जीपीएस सिस्टम का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि तेज गति और लापरवाही ही हादसों के प्रमुख कारण हैं। सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्पीड मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों का तुरंत चालान किया जाए। दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में तेजी लाने और विभागों के बीच समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने गड्ढों को तत्काल भरने, डार्क स्पॉट्स पर तुरंत लाइटिंग करने, और सड़क संकेतकों व चिह्नों को दोबारा स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
सड़क निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग ऐप के माध्यम से की जाए और जहां ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हों, वहां पेनल्टी लगाई जाए। लिंक रोड से मुख्य सड़क पर जुड़ने वाले स्थानों पर आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। बसों के रुकने के लिए चिन्हित स्थानों पर बस क्यू–शेल्टर बनाने का भी निर्देश दिया गया।
धुंध के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य करने और इस पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों से रिफ्लेक्टर लगाने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सड़कों पर छोड़े जाने वाले गोवंश की समस्या पर चिंता जताते हुए सभी पशुओं को सुरक्षित अभयारण्यों में रखने के लिए अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से गंभीरता और तत्परता से कार्य करने की अपेक्षा की, ताकि आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में स्पष्ट कमी दिख सके।